पंचर तंत्र
मंगलवार, 2 फ़रवरी 2010
सम्मान का अपमान

पदमश्री पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक ऐसा सम्मान है जो उन भारतीयों को प्रदान किया जाता है जो कला, विज्ञानं, साहित्य, समाज सेवा आदि क्षेत्रों में बहुमूल्य योगदान देते हैं । नर्गिस, सत्यजीत रे, कपिल देव, रामानंद सागर, प्रकाश पादुकोण जैसे नामचीन हस्तियों को इस सम्मान से नवाज़ा जा चुका है । इस सम्मान को प्राप्त करना अत्यंत गौरव का विषय है । लेकिन इस बार सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति को इस सम्मान का हक़दार बनाया है जिसकी प्रष्ठभूमि आतंक से जुडी हुई है । गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ़ मम कन्ना नामक पूर्व आतंकी को यह पुरस्कार प्रदान किया जाना इस सम्मान का अपमान है । सरकार का दावा है कि स्वयम आतंक का पर्याय रह चुके इस शख्स ने आतंकवाद का खात्मा करने में मदद की है । लेकिन सच्चाई तो यह है कि गुलाम मोहम्मद मानवाधिकारों के हनन, जमीन पर कब्जे, जंगलों की अवैध कटाई जैसे मामलों में वांछित है ।
इससे तो ऐसा ही लगता है की या तो भारत सरकार ऐसे पुरस्कार प्रदान करते समय पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाती है और या फिर देश में साफ़ सुथरी छवि वाला कोई शख्स बाकी नहीं है जिसे यह सम्मानजनक उपाधि दी जा सके।

1 Comments:
इन सम्मानों की कलई खुल गई है इस बार..
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