पंचर तंत्र
शुक्रवार, 4 जुलाई 2008
अधूरा सच

पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन के सबसे महत्वपूर्ण नेता आसिफ अली जरदारी के इस कथन से असहमत होने का प्रश्न ही नही उठता कि उनका देश आतंकवाद की नर्सरी बन गया है ,लेकिन शायद उनका यह बयान आधा सच ही बयान करता है। आधा सच झूठ से भी अधिक खतरनाक होता है परन्तु जरदारी ने जिस प्रकार से पाकिस्तान के आतंकियों के गढ़ में परिवर्तित होने के लिए अन्तराष्ट्रीय शक्तियों को जिम्मेदार ठहराया है ,उससे तो यही प्रतीत होता है कि जरदारी भी अपने देश के नेताओ की छवि धूमिल नही होने देना चाहते है
यदि पाकिस्तान के धार्मिक तथा सामाजिक संगठन समय के साथ आतंकी संगठनो में तब्दील हो गए है तो इसके लिए अन्तराष्ट्रीय संगठनो को दोषी ठहराना उचित नही है। पाकिस्तान किसी बाहरी शक्ति के अधीन कार्य नही करता है और न ही वहां किसी बाहरी शासक की मनमानी चलती है जो पाकिस्तानी सरकार उनके हाथ कि कठपुतली बन जाए। अतः जरदारी तथा उनके सहयोगियों को अपने दोषों को छिपाने की बजाये पाकिस्तान के सरकारी ढांचे में छुपे उन दोषों को पहचानना चाहिए जो आतंकियों के लिए मददगार है , मुशर्रफ़ को राष्ट्रपति की कुर्सी से हटाने के साथ ही वर्त्तमान सरकार को यह प्रयत्न करने चाहिए की वे आतंकी संगठनो की इकाई आई .एस .आई .पर लगाम लगाये
posted by ॐβĤĂV¥Åॐ at 11:03 am

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