पंचर तंत्र
मंगलवार, 6 मई 2008
अंधा बाँटे रेवड़ी
एक पुरानी कहावत है कि अंधा बाँटे रेवड़ी अपने-अपने को देय, यह कहावत फिल्मी और टीवी के पुरस्कारों के मामले में हर तरह से फिट बैठती है। हर साल की तरह अपने ही घर और परिवार में खुद ही अवार्ड बाँटने का स्टार का सालाना जलसा फिर होने वाला है। कहा जा रहा है कि स्टार परिवार नाम के इस समारोह में इस बार चैनल ने अपने नामांकनों में एक नया शगूफा, नया सदस्य नाम का अवार्ड भी शामिल किया है। बाकी तो सास बहू-बेटा, बहन-भाई और ना जाने जाने क्या वाले अवार्ड तो है हीं। स्टार के संकीर्तन कहते हैं दरअसल, यह अपने ही घर में किसी को सम्मान और स्वीकृति देने वाला अवार्ड समारोह जैसा है और इसकी सबको जरूरत होती है।
posted by ॐβĤĂV¥Åॐ at 11:25 pm

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