पंचर तंत्र
सोमवार, 12 मई 2008
माँ
शुक्रवार, 9 मई 2008
बुधवार, 7 मई 2008
अंहकार
अंहकार हमारा गुप्त शत्रु है । महाभारत के शकुनी की तरह वह हमारा दोस्त होने का दिखावा करता है ;पर हमारी जानकारी के बिना हमें पतन की ओर ले जाता है । हम एक प्रकट शत्रु से भीड़ सकते हैं। लेकिन एक गुप्त ,अंजान शत्रु को को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल है । अंहकार नमक, यह निराकार शत्रु , हमारी प्रगति को रोकता है , या काफी हद तक कुथित कर देता है। अहंकारिक मनोभाव, दूसरो मी अच्छे गुंड देखने की , दूसरो की क्षमता का आदर करने की , या उनकी सफलताओं पर उनका अभिनन्दन करने की इजाजत नही देता । वह ज्यादातर लोगों को विनाश की ओर ले जाता है। वह हमें दूसरो के साथ-सामंजस्य से रहने से और उनकी अभिरुचि की क़द्र करने से रोकता है। "जो दूसरो के सामने झुकते हैं, उनकी हानि कभी नही होती। " - हम इस कहावत को भी न भूलें ।
मंगलवार, 6 मई 2008
अंधा बाँटे रेवड़ी
एक पुरानी कहावत है कि अंधा बाँटे रेवड़ी अपने-अपने को देय, यह कहावत फिल्मी और टीवी के पुरस्कारों के मामले में हर तरह से फिट बैठती है। हर साल की तरह अपने ही घर और परिवार में खुद ही अवार्ड बाँटने का स्टार का सालाना जलसा फिर होने वाला है। कहा जा रहा है कि स्टार परिवार नाम के इस समारोह में इस बार चैनल ने अपने नामांकनों में एक नया शगूफा, नया सदस्य नाम का अवार्ड भी शामिल किया है। बाकी तो सास बहू-बेटा, बहन-भाई और ना जाने जाने क्या वाले अवार्ड तो है हीं। स्टार के संकीर्तन कहते हैं दरअसल, यह अपने ही घर में किसी को सम्मान और स्वीकृति देने वाला अवार्ड समारोह जैसा है और इसकी सबको जरूरत होती है।


